इंडिया में बढ़ती हुई महेंगाई

इंडिया में बढ़ती हुई महेंगाई से आम लोगों का बुरा हाल हो गया है. आए दिन सिर्फ महेंगाई का सामना करना पढ़ रहा है. आखिर इसका जिम्मेदार कोण है, आज हम विस्तार से समझेंगे.
इंडिया के हर स्टेट में महेंगाई ने आसमान की उचाई को छु लिया है. आखिर इसका जिम्मेदार कोण है? बढ़ती हुई आबादी या सरकार?
हम ने आम लोगों से बात की. उनका कहना है कि सिर्फ बेरोजगारी और सरकार इसमें नाकाम दिखाई दे रही है. आम लोगों का 2 वक्त का खाना भी मुश्किल हो गया है. दिन-ब-दिन बढ़ती हुई महेंगाई आम लोगों का जीवन और मुश्किल में डाल दिया है.
लोगों का कहना है की इंडिया में सबसे बड़ी परेशानी बेरोजगारी और बढ़ती हुई महेंगाई ही है.
इंडिया में बढ़ती हुई महंगाई एक चिंता का विषय बन चुका है. आम लोगों की ज़िंदगी में अस्पताल से लेकर खाने तक कठनाइयों का सामना है. आजकल तो गेस का भी रेट बढ़ा दिया है. अनाज का भाव, तेल और आटा के दाम भी बढ़ गए हैं. पिछले कुछ सालों से महंगाई कम होने की बजाए बढ़ती हुई नजर आ रही है.
भारत सरकार को इस पर सोचने और फिकर करने की जरूरत हैं. आज गेस का भाव 2 मुल्कों की लड़ाई की वजह से बढ़ा है या यह सिर्फ बढ़ाना था, इस पर भी जोर देने की बात है. आम लोगों को ना नोकरी मिल रही है ना उनके लिए कुछ उम्मीदे नजर आती दिखाई दे रही हैं. सिर्फ लोगों का रोज का जीना ही उनके लिए सबसे बड़ा मसला बन चुका है.
पेट्रोल और गेस में बढ़ोतरी
आजकल हर दिन पेट्रोल और गेस की कीमतों में बढ़ोतरी दिखाई दे रही है. पेट्रोल का दाम भी और गेस का रेट भी बढ़ चुका है. आम लोग कतार लगा कर लाइन में खड़े दिखाई दे रहे हैं.
लोगों का कहना है कि अब गेस इस्तेमाल करना भी दुश्वार हो गया है. अब सरकार को इस विषय पर जरूर ध्यान देना होगा. आम लोग अपने पसंद की चीज अब इस्तेमाल करना बंद कर चुके हैं. यह महंगाई आखिर कब तक, यह सवाल आम लोगों का सरकार से है. कब अच्छे दिन आएंगे और कब सुकून की ज़िंदगी उन आम लोगों को मिलेंगी, यह हकीकत में सोचने वाली बात है.
